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Sunday, September 20, 2009

निशाना

दुनिया के किसी कोने में
मुझे तुम चाकू से गोद गोद
मार डालते हो
किसी कोने में दुनिया के
प्यार से चूम चूम
और किसी किसी कोने में त्तो
छोड़ मुझे अपने हाल न त्तो चाकू से
न प्यार से
बल्कि नकार कर मेरा अस्तित्व
मुझे अपने अकेलेपन में छोड़
मार
डालते हो !
यों दुनिया के हर कोने
मुझे मारा जाता है
फ़िर वह क्या है ?
जो हर बार शेष रह जाता है
मेरे पास
जिसे समाप्त करने
तुम अब
भी
निशाना साधे बैठे हो ////