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Saturday, June 11, 2011

तो शायद

रहस्य उसके पीछे से झांकते थे
बात उसकी पूरी सुन समझा
ये बात वही थी
जो पिछली उसकी कई बातो के
पिछवाड़े से ताका करती थी
हैरान हुआ में !
मगर समझ नहीं पाया
रहस्यों के खुलने के बाद
में फिर उनसे क्यों नहीं मिल पाया
कुछ बातों को रहने दिया होता
उन्होंने अगर
यू ही ताकते  पिछवाड़े से
तो शायद
फिर फिर मैं 
उनसे  मिलता
आज भी !!