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Thursday, May 13, 2010

हलकी सी बरसात कर गया

हलकी सी बरसात कर गया
दबी गर्म हवाओं को बहार कर गया .

कब से झुलस रही थी उसके लिए
वो यों आकर  मुझे अब अलाव कर गया  .

जाने कैसा  है ये बैरी तूफ़ान 
जो आया मेरे लिए उसे अपने साथ कर गया .

अब मैं कैसे कहूँ  वो आया ही नहीं
आया मगर मुझे अजनबी खुद मेरे लिए कर गया  .

वो मुझमे  उगा कर सब्जा
मुझको न जाने क्या से क्या कर गया .

हलकी सी बरसात कर गया
बालू को मेरी भिगो कर मुझे  बेहाल कर गया .