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Thursday, July 8, 2010

याद


अब किसे क्या कहे
छोड़ गए जो- उनकी -क्यों किसी से बात करें
यादें निजी है इनका बखान क्या करें
बहुत हो लिया तो
मन के गलियारें में सजायेंगे ये यादें
इनकी महक से सुवासित हो जायेंगे
समय को रंग कर उनकी याद की कूंची से
आज का चित्र मनोहर बनायेंगे
उन्होंने चाहा है हमें
हमारी ख़ुशी की कामना की है हर पल
हम उनकी याद में मन ही मन मुस्करायेंगे
वो जहाँ कही भी होंगे
हमारी मुस्कराहट में नाचेंगे ..झूमेंगे
उनकी याद से हम यू खुशहाल दुनिया बनायें
उनको याद करें .....हाँ हम उनको यो ही याद करें