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Saturday, September 4, 2010

सपना उसका .....

नदी के उस किनारे थे सपने सारे
जो इस किनारे की रातों में में देखता था
सुबह होते ही तलाश शुरू होती थी एक अदद नाव की
जिस पर सवार हो में पहुँच सकू उस किनारे
नाव की तलाश में पेड़ मिला
उसने कहा सहर्ष मुझे काटो और ले जाओ मेरी लकड़ी
अगर होता हो पूरा सपना तुम्हारा
नाव की तलाश में  ही चिड़िया मिली
भाई ,काट डालोगे  पेड़ तो में कहा जाउंगी 
पेड़ मेरा सपना नहीं
जीवन है ,बादलों का जल है
इस दुनिया के हरे भरे  होने का प्रमाण है 
चिड़िया की बात सुन
कूद पड़ा वो नदी में ............
पूरा हुआ ही होगा
सपना उसका .....