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Thursday, September 23, 2010

...हाँ मैं हूँ ......

अनजानी फुसफुसाहटें
यादें ...
कदम कदम इस रास्ते
रहती है
गए दिनों  की वो बातें
जानता हूँ
नहीं लौटोगी तुम
और यह भी
तुम कह गयी थी
मैं हूँ तुम्हारे साथ हमेशा 
जानता हूँ सब झूठ है
कभी कभार आंसुओं के साथ धो लेता हूँ
अपना चेहरा
कभी तुम्हारी खिलखिलाहट
कभी तुम्हारी आँखें ..
बस बस ....पहिली बारिश की सोंधी महक सा
पहिला प्यार तुम्हारा
हाँ हाँ ...है मेरे साथ धडकता मुझमे ...है
हाँ ...हो तुम ...हो ...हाँ मैं हूँ ......