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Friday, November 5, 2010

हम सबको ज्ञेय..........

दीयों की पंक्ति में जो रख गएँ है
वो अपना दिया एक
उसकी आभा से
आलोकित होता ये संसार
जिससे आती हममे 
कोमलता ,सहृदयता
अच्छी भाषा
प्रेम का अहसास
परस्परता
और उस दिए से
होता अज्ञेय
हम सबको ज्ञेय..........