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Thursday, January 20, 2011

किरण

सुबह की किरण वो
मुझमे रहती
दिन भर फिर 
रात को 
खिल जाती
रातरानी की महक ज्यों
बस जाती
 हरा करती
संसार .......
किरण है तब तलक
सृष्टि रचती रहेगी
प्यार //